ऑटोग्राफ क्या होता है ? जानिए विस्तार से । Whats Is Autograph Full information in Hindi
दोस्तों आपने अपने जीवन में ऑटोग्राफ का नाम तो अभी सुना होगा फोटोग्राफ्स क्या होता है इसके बारे में आज हम आपको विस्तार से बताएंगे ऑटोग्राफ के बारे में पूरी जानकारी देखने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें
ऑटोग्राफ शब्द को ग्रीक भाषा से लिया गया है। इस शब्द का अर्थ होता है। 'खुद का लिखा हुआ' किसी एक व्यक्ति द्वारा लिखा गया एक शब्द या फिर एक पैराग्राफ जिसे ऑटोग्राफ कहा जाता है। और ऑटोग्राफ किसी साधारण व्यक्ति द्वारा नहीं दिया जाता है। ज्यादा फैन फॉलोइंग और पॉपुलर व्यक्ति द्वारा उनके फैन उनसे ऑटोग्राफ लेते हैं।
ऑटोग्राफ का मतलब हस्ताक्षर ही होता है। लेकिन यह किसी पॉपुलर व्यक्ति व सेलिब्रिटी के होते हैं। क्योंकि साधारण व्यक्ति से कोई भी ऑटोग्राफ नहीं लेता है। ज्यादा फैन फॉलोइंग वाला जो व्यक्ति होता है। उसी से ऑटोग्राफ मांगा जाता है, और सेलिब्रिटी के फैन उस ऑटोग्राफ को अच्छी तरह से संभाल कर रखते हैं। जैसे :- विराट कोहली, सलमान खान, शाहरुख खान आदि जब इन लोगों के फैन उनसे ऑटोग्राफ लेना चाहते हैं। तब वह उनके पास जाकर अपने हाथ पर या फिर किसी वस्तु के ऊपर उनका फोटोग्राफ लेते हैं। ज्यादातर लोग तो अपनी डायरी या फिर पेपर पर ऑटोग्राफ लेते हैं, और ऑटोग्राफ को अच्छी तरह से संभाल कर रखते हैं।
आपको बता दें कि ऑटोग्राफ की शुरुआत कब हुई थी। तो इस की शुरुआत 16वीं शताब्दी में जर्मनी से हुई थी। जर्मनी में विद्यार्थी अपने एक दूसरे दोस्त के ऑटोग्राफ लिया करते थे, और उनको ऑटोग्राफ को संभाल कर रखते थे। जर्मनी में चल रहा है यह कल्चर धीरे-धीरे पड़ोसी देशों में फैला और वर्तमान समय में यह पूरे विश्व में चल रहा है। ऑटोग्राफ का चलन अब भारत में भी काफी अच्छा है। जर्मनी से उत्पन्न हुआ यह कल्चर अब विश्व भर में प्रचलित माना जाता है, और इसी के दौरान हर व्यक्ति अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी से ऑटोग्राफ लेते हैं।
जब बात यह आती है कि ऑटोग्राफ कौन देता है, और किस से ऑटोग्राफ लेना चाहिए। हम आपको बता दें कि ऑटोग्राफ लेने के लिए आप किसी साधारण व्यक्ति के पास नहीं जाए। क्योंकि साधारण व्यक्ति का ऑटोग्राफ लेकर आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है। ज्यादातर लोग पॉपुलर व्यक्ति व सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ रहते हैं। ताकि वह कभी भी अपने दोस्त या किसी भी व्यक्ति को यह सबूत के साथ कह सके कि वह उस व्यक्ति के साथ मिले थे। या उस सेलिब्रिटी के साथ उनकी मुलाकात हुई थी। इसीलिए हमेशा ऑटोग्राफ बड़े सेलिब्रिटी और पॉपुलर व्यक्तियों से ही लेना चाहिए। ताकि जिनका कुछ महत्व हो।
वैसे तो अगर साधारण मनुष्य सोचे तो ऑटोग्राफ का कोई महत्व नहीं होता है। वह अपने शौक के कारण लिया जाता है। लेकिन अगर उसे गंभीरता से देखा जाए तो ऑटोग्राफ के कई महत्व होते हैं।
1. ऑटोग्राफ लेने के बाद हम किसी भी व्यक्ति को प्रुफ के साथ यह कह सकते हैं। कि हमारी उस सेलिब्रिटी के साथ मुलाकात हुई थी।
2. ज्यादातर लोग अपने शौक के लिए ऑटोग्राफ लेते हैं और उन्हें इकट्ठा करते हैं। यह भी एक महत्व होता है। क्योंकि बड़े-बड़े सेलिब्रिटी का ऑटोग्राफ लेना कोई आम बात नहीं है।
3. ज्यादातर लोग ऑटोग्राफ लेकर उन्हें बेच देते हैं। इसलिए उन लोगों के लिए ऑटोग्राफ काफी महत्व माने जाते हैं। क्योंकि ऑटोग्राफ के माध्यम से उन्हें पैसा मिलता है।
वैसे तो अगर आम व्यक्ति देखे तो ऑटोग्राफ की कोई कीमत नहीं होती है। उसके लिए लेकिन अगर कोई गौर करने वाला हो तो वह सोच सकता है। कि ऑटोग्राफ कितने महंगे होते हैं। ऑटोग्राफ की कीमत कितनी भी हो सकती है। यह ऑटोग्राफ देने वाले पर निर्भर करता है। जो ऑटोग्राफ दे रहा है। उसका विश्व में क्या महत्व है, और वह कितना पॉपुलर है, और उसने विश्व में क्या-क्या है। जिस कारण उसे जाना जाता है। ज्यादातर ऑटोग्राफ उन्हीं व्यक्तियों के महंगे होते हैं। जिन्हें पूरा विश्व जानता हो।
अगर हम आपको बता दें कि ऑटोग्राफ की कीमत कितनी होती है। तो कई लोग ऐसे हैं। जिनके ऑटोग्राफ की कीमत लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में होती है। यह सोचकर आपको भी हैरानी हुई होगी लेकिन यह बात सच है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन जिनका नाम कौन नहीं जानता होगा। जॉर्ज वॉशिंगटन ऑटोग्राफ की एक किताब है। जो अभी अमेरिका के वाइट हाउस की लाइब्रेरी में संभाल कर रखी हुई है। इस किताब में जॉर्ज वॉशिंगटन के साइन किए हुए हैं।
इसीलिए इस किताब की कीमत 2.8 मिलियन डॉलर है।
विश्व का सबसे महंगा ऑटोग्राफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन का है। इसकी कीमत 2.8 मिलियन डॉलर है। और इनकी किताब भी अमेरिका के वाइट हाउस की लाइब्रेरी में सुरक्षित रखी हुई है।
विश्व का दूसरा सबसे महंगा ऑटोग्राफ अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन का माना जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का यह ऑटोग्राफ एक घोषणापत्र पर किया हुआ हस्ताक्षर है। इस ऑटोग्राफ को ऐतिहासिक दस्तावेज भी कहा जाता है। इब्राहिम लिंकन ने अपनी मौत के एक साल पहले इसको जारी किया था। इसकी कीमत 3.7 मिलियन डॉलर है।
दुनिया का तीसरा सबसे महंगा ऑटोग्राफ जॉन लेलल के हत्यारे द्वारा की गई फोटो ऑटोग्राफ को माना जाता है। इस फोटो की कीमत $52,5000 है।
विश्व का यह ऑटोग्राफ चौथे नंबर पर आता है। यह फोटोग्राफ गई बेसबॉल का है। नीलामी के दौर पर ऑटोग्राफ की कीमत $38,8373 बताई गई।
विश्व का पांचवा सबसे महंगा ऑटोग्राफ जिमी हेंड्रिक्स का है। इनके ऑटोग्राफ की कीमत नीलामी के समय $200000 थी।
1. ऑटोग्राफ एक प्रसिद्ध और पॉपुलर व्यक्ति द्वारा अपने फैन को दिया जाता है। ऑटोग्राफ उस व्यक्ति का होता है। जिस की फैन फॉलोइंग अच्छी होती है, और हस्ताक्षर साधारण व्यक्ति के भी हो सकते हैं। साधारण व्यक्ति का कभी ऑटोग्राफ नहीं होता है।
2. ऑटोग्राफ को फैन्स की मनोकामना पूर्ण करने के लिए सेलिब्रेट द्वारा दिया जाता है। इसका उपयोग कहीं भी कानूनी दस्तावेज में नही होता है। जबकि हस्ताक्षर कानूनी दस्तावेज के लिए ही होता है, और इसका उपयोग जरूरी दस्तावेज पर किया जाता है।
3. हस्ताक्षर और ऑटोग्राफ में एक मुख्य अंतर यह है। कि ऑटोग्राफ को सेलिब्रिटी अपने फैंस की मांग पर देते हैं। और ऑटोग्राफ कहीं पर भी दिया जा सकता है। जैसे :- हाथ पर, रुमाल या फिर सर्ट पर, लेकिन हस्ताक्षर को कानूनी कार्यवाही पर ही लिया जाता है।
यह एक काफी महत्वपूर्ण सवाल है। कि आखिरकार लोग सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ को इकट्ठा क्यों करते हैं। और अगर लोग किसी भी मशहूर व्यक्ति का साइन देते हैं। तो उसका क्या करते हैं।
1. इस बात पर हम आपको यह कहना चाहते हैं। कि मनोविज्ञान के अनुसार ऑटोग्राफ लेने के पीछे ज्यादातर लोगों कि यह मानसिकता रहती है। कि उनके पास एक सबूत है। कि वह उस सेलिब्रिटी के पास गए हैं। और उनसे मुलाकात हुई है। ताकि वह किसी दूसरे के सामने यह साबित कर सकें।
2. और ऐसे में बहुत बड़ी दुनिया है। जहां पर कई लोग ऐसे भी है। जो ऑटोग्राफ से अपनी कमाई करते हैं। इसीलिए वह बड़े-बड़े सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ इकट्ठा करते हैं। आपको तो पता ही है कि ऑटोग्राफ कितने महंगे बिकते हैं। इसीलिए वह इकट्ठे किए हुए ऑटोग्राफ को फैन में बेच देते हैं।
व्यक्ति के लिखावत के अनुसार उसके हावभाव आदतों के बारे में पता लगाया जा सकता है। व्यक्ति शब्द को किस तरह से लिखता है। और उसमें क्या-क्या करता है। उसी अनुसार हम व्यक्ति के हाव-भाव को जान सकते है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं। तो नीचे दिए गए कुछ स्टेप को जरूर पढ़ें.
(1) जिस व्यक्ति या सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ नीचे से ऊपर की ओर जाते हैं। वह व्यक्ति ईश्वर के प्रति आस्था रखता है। और ईश्वर को मानता है।
(2) खुले-खुले और स्पष्ट तरीके से ऑटोग्राफ लिखने वाले व्यक्ति स्पष्टवादी, खुले मन के और विचारवान होते हैं। यह कर्म करने के घोतक भी माने जाते है।
(3) जिस व्यक्ति का ऑटोग्राफ तेजी से लिखा हुआ होता है। तो उसने कार्य को गति से करने व समय की सूझबूझ होती है।
(4) जिस व्यक्ति के ऑटोग्राफ में एक बार भी कमल नहीं उठता है। और पूरा शब्द एक ही बार में लिखा हुआ होता है। तो उससे यह स्पष्ट होता है। कि वह व्यक्ति राष्ट्रवादी, गुप्त प्रवती वाला व वाद-विवादकर्ता होता है।
(5) जिस व्यक्ति के ऑटोग्राफ के पीछे (.) या (।) देखने को मिलती है। तो उससे यह स्पष्ट होता है। कि वह व्यक्ति सामाजिक व नैतिकता की दुहाई देने वाला व एक तरह का आलसी व्यक्ति होता है।
(6) जिस व्यक्ति का ऑटोग्राफ ऊपर से नीचे की ओर आता है। तो उससे यह स्पष्ट किया जा सकता है। कि वह व्यक्ति नकारात्मक विचारों वाला है, और उस व्यक्ति के ज्यादा मित्र नहीं होते है।
(7) जो व्यक्ति पैन या पेंसिल पर जोर लिखते हैं वो भाउक, उत्तेजक और बहुत ही जिद्दी होते हैं।
(8) जिस व्यक्ति का ऑटोग्राफ सीधी रेखा में होता है। उससे यह पता चलता है। कि वह व्यक्ति सरल स्वभाव व साफ दिल का होता है।
(9) जो व्यक्ति अपने ऑटोग्राफ के अंत में विंदू या डेस लगाते हैं। वह व्यक्ति शंकालु व डरपोक होते हैं।
(10) जिस व्यक्ति के ऑटोग्राफ में शिरोरेखा देखने को मिलती है। वह व्यक्ति जागरूक, सजग और बुद्धि का सदुपयोग करने वाला होता है।
ऑटोग्राफ क्या होता है ? जानिए विस्तार से
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| ऑटोग्राफ क्या है । What is Autograph |
ऑटोग्राफ शब्द का अर्थ
ऑटोग्राफ शब्द को ग्रीक भाषा से लिया गया है। इस शब्द का अर्थ होता है। 'खुद का लिखा हुआ' किसी एक व्यक्ति द्वारा लिखा गया एक शब्द या फिर एक पैराग्राफ जिसे ऑटोग्राफ कहा जाता है। और ऑटोग्राफ किसी साधारण व्यक्ति द्वारा नहीं दिया जाता है। ज्यादा फैन फॉलोइंग और पॉपुलर व्यक्ति द्वारा उनके फैन उनसे ऑटोग्राफ लेते हैं।
ऑटोग्राफ क्या है ?
ऑटोग्राफ का मतलब हस्ताक्षर ही होता है। लेकिन यह किसी पॉपुलर व्यक्ति व सेलिब्रिटी के होते हैं। क्योंकि साधारण व्यक्ति से कोई भी ऑटोग्राफ नहीं लेता है। ज्यादा फैन फॉलोइंग वाला जो व्यक्ति होता है। उसी से ऑटोग्राफ मांगा जाता है, और सेलिब्रिटी के फैन उस ऑटोग्राफ को अच्छी तरह से संभाल कर रखते हैं। जैसे :- विराट कोहली, सलमान खान, शाहरुख खान आदि जब इन लोगों के फैन उनसे ऑटोग्राफ लेना चाहते हैं। तब वह उनके पास जाकर अपने हाथ पर या फिर किसी वस्तु के ऊपर उनका फोटोग्राफ लेते हैं। ज्यादातर लोग तो अपनी डायरी या फिर पेपर पर ऑटोग्राफ लेते हैं, और ऑटोग्राफ को अच्छी तरह से संभाल कर रखते हैं।
ऑटोग्राफ की शुरुआत कब और कहां हुई
आपको बता दें कि ऑटोग्राफ की शुरुआत कब हुई थी। तो इस की शुरुआत 16वीं शताब्दी में जर्मनी से हुई थी। जर्मनी में विद्यार्थी अपने एक दूसरे दोस्त के ऑटोग्राफ लिया करते थे, और उनको ऑटोग्राफ को संभाल कर रखते थे। जर्मनी में चल रहा है यह कल्चर धीरे-धीरे पड़ोसी देशों में फैला और वर्तमान समय में यह पूरे विश्व में चल रहा है। ऑटोग्राफ का चलन अब भारत में भी काफी अच्छा है। जर्मनी से उत्पन्न हुआ यह कल्चर अब विश्व भर में प्रचलित माना जाता है, और इसी के दौरान हर व्यक्ति अपने पसंदीदा सेलिब्रिटी से ऑटोग्राफ लेते हैं।
ऑटोग्राफ कौन देता है
जब बात यह आती है कि ऑटोग्राफ कौन देता है, और किस से ऑटोग्राफ लेना चाहिए। हम आपको बता दें कि ऑटोग्राफ लेने के लिए आप किसी साधारण व्यक्ति के पास नहीं जाए। क्योंकि साधारण व्यक्ति का ऑटोग्राफ लेकर आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है। ज्यादातर लोग पॉपुलर व्यक्ति व सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ रहते हैं। ताकि वह कभी भी अपने दोस्त या किसी भी व्यक्ति को यह सबूत के साथ कह सके कि वह उस व्यक्ति के साथ मिले थे। या उस सेलिब्रिटी के साथ उनकी मुलाकात हुई थी। इसीलिए हमेशा ऑटोग्राफ बड़े सेलिब्रिटी और पॉपुलर व्यक्तियों से ही लेना चाहिए। ताकि जिनका कुछ महत्व हो।
ऑटोग्राफ का महत्व
वैसे तो अगर साधारण मनुष्य सोचे तो ऑटोग्राफ का कोई महत्व नहीं होता है। वह अपने शौक के कारण लिया जाता है। लेकिन अगर उसे गंभीरता से देखा जाए तो ऑटोग्राफ के कई महत्व होते हैं।
1. ऑटोग्राफ लेने के बाद हम किसी भी व्यक्ति को प्रुफ के साथ यह कह सकते हैं। कि हमारी उस सेलिब्रिटी के साथ मुलाकात हुई थी।
2. ज्यादातर लोग अपने शौक के लिए ऑटोग्राफ लेते हैं और उन्हें इकट्ठा करते हैं। यह भी एक महत्व होता है। क्योंकि बड़े-बड़े सेलिब्रिटी का ऑटोग्राफ लेना कोई आम बात नहीं है।
3. ज्यादातर लोग ऑटोग्राफ लेकर उन्हें बेच देते हैं। इसलिए उन लोगों के लिए ऑटोग्राफ काफी महत्व माने जाते हैं। क्योंकि ऑटोग्राफ के माध्यम से उन्हें पैसा मिलता है।
विश्व का सबसे महंगा ऑटोग्राफ
वैसे तो अगर आम व्यक्ति देखे तो ऑटोग्राफ की कोई कीमत नहीं होती है। उसके लिए लेकिन अगर कोई गौर करने वाला हो तो वह सोच सकता है। कि ऑटोग्राफ कितने महंगे होते हैं। ऑटोग्राफ की कीमत कितनी भी हो सकती है। यह ऑटोग्राफ देने वाले पर निर्भर करता है। जो ऑटोग्राफ दे रहा है। उसका विश्व में क्या महत्व है, और वह कितना पॉपुलर है, और उसने विश्व में क्या-क्या है। जिस कारण उसे जाना जाता है। ज्यादातर ऑटोग्राफ उन्हीं व्यक्तियों के महंगे होते हैं। जिन्हें पूरा विश्व जानता हो।
अगर हम आपको बता दें कि ऑटोग्राफ की कीमत कितनी होती है। तो कई लोग ऐसे हैं। जिनके ऑटोग्राफ की कीमत लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में होती है। यह सोचकर आपको भी हैरानी हुई होगी लेकिन यह बात सच है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन जिनका नाम कौन नहीं जानता होगा। जॉर्ज वॉशिंगटन ऑटोग्राफ की एक किताब है। जो अभी अमेरिका के वाइट हाउस की लाइब्रेरी में संभाल कर रखी हुई है। इस किताब में जॉर्ज वॉशिंगटन के साइन किए हुए हैं।
इसीलिए इस किताब की कीमत 2.8 मिलियन डॉलर है।
विश्व के 5 सबसे महंगे ऑटोग्राफ
1. जॉर्ज वॉशिंगटन
विश्व का सबसे महंगा ऑटोग्राफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन का है। इसकी कीमत 2.8 मिलियन डॉलर है। और इनकी किताब भी अमेरिका के वाइट हाउस की लाइब्रेरी में सुरक्षित रखी हुई है।
2. अब्राहिम लिंकन
विश्व का दूसरा सबसे महंगा ऑटोग्राफ अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन का माना जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का यह ऑटोग्राफ एक घोषणापत्र पर किया हुआ हस्ताक्षर है। इस ऑटोग्राफ को ऐतिहासिक दस्तावेज भी कहा जाता है। इब्राहिम लिंकन ने अपनी मौत के एक साल पहले इसको जारी किया था। इसकी कीमत 3.7 मिलियन डॉलर है।
3. जॉन लेलल
दुनिया का तीसरा सबसे महंगा ऑटोग्राफ जॉन लेलल के हत्यारे द्वारा की गई फोटो ऑटोग्राफ को माना जाता है। इस फोटो की कीमत $52,5000 है।
4. गई बेसबॉल
विश्व का यह ऑटोग्राफ चौथे नंबर पर आता है। यह फोटोग्राफ गई बेसबॉल का है। नीलामी के दौर पर ऑटोग्राफ की कीमत $38,8373 बताई गई।
5. जिमी हेंड्रिक्स
विश्व का पांचवा सबसे महंगा ऑटोग्राफ जिमी हेंड्रिक्स का है। इनके ऑटोग्राफ की कीमत नीलामी के समय $200000 थी।
हस्ताक्षर और ऑटोग्राफ में क्या अंतर है
1. ऑटोग्राफ एक प्रसिद्ध और पॉपुलर व्यक्ति द्वारा अपने फैन को दिया जाता है। ऑटोग्राफ उस व्यक्ति का होता है। जिस की फैन फॉलोइंग अच्छी होती है, और हस्ताक्षर साधारण व्यक्ति के भी हो सकते हैं। साधारण व्यक्ति का कभी ऑटोग्राफ नहीं होता है।
2. ऑटोग्राफ को फैन्स की मनोकामना पूर्ण करने के लिए सेलिब्रेट द्वारा दिया जाता है। इसका उपयोग कहीं भी कानूनी दस्तावेज में नही होता है। जबकि हस्ताक्षर कानूनी दस्तावेज के लिए ही होता है, और इसका उपयोग जरूरी दस्तावेज पर किया जाता है।
3. हस्ताक्षर और ऑटोग्राफ में एक मुख्य अंतर यह है। कि ऑटोग्राफ को सेलिब्रिटी अपने फैंस की मांग पर देते हैं। और ऑटोग्राफ कहीं पर भी दिया जा सकता है। जैसे :- हाथ पर, रुमाल या फिर सर्ट पर, लेकिन हस्ताक्षर को कानूनी कार्यवाही पर ही लिया जाता है।
लोग सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ इकठ्ठा क्यों करते हैं
यह एक काफी महत्वपूर्ण सवाल है। कि आखिरकार लोग सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ को इकट्ठा क्यों करते हैं। और अगर लोग किसी भी मशहूर व्यक्ति का साइन देते हैं। तो उसका क्या करते हैं।
1. इस बात पर हम आपको यह कहना चाहते हैं। कि मनोविज्ञान के अनुसार ऑटोग्राफ लेने के पीछे ज्यादातर लोगों कि यह मानसिकता रहती है। कि उनके पास एक सबूत है। कि वह उस सेलिब्रिटी के पास गए हैं। और उनसे मुलाकात हुई है। ताकि वह किसी दूसरे के सामने यह साबित कर सकें।
2. और ऐसे में बहुत बड़ी दुनिया है। जहां पर कई लोग ऐसे भी है। जो ऑटोग्राफ से अपनी कमाई करते हैं। इसीलिए वह बड़े-बड़े सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ इकट्ठा करते हैं। आपको तो पता ही है कि ऑटोग्राफ कितने महंगे बिकते हैं। इसीलिए वह इकट्ठे किए हुए ऑटोग्राफ को फैन में बेच देते हैं।
ऑटोग्राफ से जाने व्यक्ति के हावभाव और आदतें
व्यक्ति के लिखावत के अनुसार उसके हावभाव आदतों के बारे में पता लगाया जा सकता है। व्यक्ति शब्द को किस तरह से लिखता है। और उसमें क्या-क्या करता है। उसी अनुसार हम व्यक्ति के हाव-भाव को जान सकते है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं। तो नीचे दिए गए कुछ स्टेप को जरूर पढ़ें.
(1) जिस व्यक्ति या सेलिब्रिटी के ऑटोग्राफ नीचे से ऊपर की ओर जाते हैं। वह व्यक्ति ईश्वर के प्रति आस्था रखता है। और ईश्वर को मानता है।
(2) खुले-खुले और स्पष्ट तरीके से ऑटोग्राफ लिखने वाले व्यक्ति स्पष्टवादी, खुले मन के और विचारवान होते हैं। यह कर्म करने के घोतक भी माने जाते है।
(3) जिस व्यक्ति का ऑटोग्राफ तेजी से लिखा हुआ होता है। तो उसने कार्य को गति से करने व समय की सूझबूझ होती है।
(4) जिस व्यक्ति के ऑटोग्राफ में एक बार भी कमल नहीं उठता है। और पूरा शब्द एक ही बार में लिखा हुआ होता है। तो उससे यह स्पष्ट होता है। कि वह व्यक्ति राष्ट्रवादी, गुप्त प्रवती वाला व वाद-विवादकर्ता होता है।
(5) जिस व्यक्ति के ऑटोग्राफ के पीछे (.) या (।) देखने को मिलती है। तो उससे यह स्पष्ट होता है। कि वह व्यक्ति सामाजिक व नैतिकता की दुहाई देने वाला व एक तरह का आलसी व्यक्ति होता है।
(6) जिस व्यक्ति का ऑटोग्राफ ऊपर से नीचे की ओर आता है। तो उससे यह स्पष्ट किया जा सकता है। कि वह व्यक्ति नकारात्मक विचारों वाला है, और उस व्यक्ति के ज्यादा मित्र नहीं होते है।
(7) जो व्यक्ति पैन या पेंसिल पर जोर लिखते हैं वो भाउक, उत्तेजक और बहुत ही जिद्दी होते हैं।
(8) जिस व्यक्ति का ऑटोग्राफ सीधी रेखा में होता है। उससे यह पता चलता है। कि वह व्यक्ति सरल स्वभाव व साफ दिल का होता है।
(9) जो व्यक्ति अपने ऑटोग्राफ के अंत में विंदू या डेस लगाते हैं। वह व्यक्ति शंकालु व डरपोक होते हैं।
(10) जिस व्यक्ति के ऑटोग्राफ में शिरोरेखा देखने को मिलती है। वह व्यक्ति जागरूक, सजग और बुद्धि का सदुपयोग करने वाला होता है।

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